एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग पर बड़ा प्रहार, 2026 में भी बुलडोजर एक्शन जारी

मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के पास 40–50 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, भूमि माफियाओं में हड़कंप

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून (17 जनवरी 2026) : मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ वर्ष 2026 में भी सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर हुई कार्रवाइयों के बाद, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान पूरी मजबूती के साथ लगातार जारी है।

एमडीडीए का उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना, भूमि माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग के नाम पर ठगी से बचाना है।

पुरूकुल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, अवैध सड़कें और प्लॉटिंग ध्वस्त

इसी क्रम में देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र, मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास हरीश यादव द्वारा लगभग 40 से 50 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए ने बुलडोजर चलाया।

कार्रवाई के दौरान बिना स्वीकृति बनाई गई सड़कें, भूखंडों का चिन्हांकन और अन्य अवैध संरचनाएं ध्वस्त की गईं, जो मास्टर प्लान और प्राधिकरण नियमों का खुला उल्लंघन थीं।

यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई।

प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण कार्रवाई

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान

सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत

अवर अभियंता उमेश वर्मा

सुपरवाइजर

एमडीडीए का प्रवर्तन अमला

तथा पर्याप्त पुलिस बल

मौके पर मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा—

“प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण कर हमने स्पष्ट संदेश दिया था और 2026 में भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है।

कुछ लोग भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेच रहे हैं, जो कानूनन अपराध है। एमडीडीए का लक्ष्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। भूमि माफियाओं को चेतावनी है—अवैध गतिविधियां तुरंत बंद करें, अन्यथा कठोरतम कार्रवाई होगी।”

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा—

“ध्वस्तीकरण की सभी कार्रवाइयां नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। अवैध प्लॉटिंग मास्टर प्लान के खिलाफ होने के साथ-साथ भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण के लिए भी घातक है।

आम नागरिकों से अपील है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित क्षेत्र की वैधता और एमडीडीए की स्वीकृति की जानकारी अवश्य लें। प्राधिकरण की निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”

एमडीडीए की जनता से अपील

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ आगे भी लगातार और सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिक किसी भी भूमि सौदे से पहले प्राधिकरण से सत्यापन अवश्य कराएं।

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