:- सीमा क्षेत्र के हाई-एल्टीट्यूड ट्रैक फिर खुले |
:- गर्तांगली, तपोवन, केदारताल और नेलांग घाटी में बढ़ेगी
:- पर्यटकों की आवाजाही पिछले वर्ष 29,162 पर्यटकों से मिला 80,96,750 रुपये राजस्व
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। भारत-चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट बुधवार सुबह पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक गर्तांगली, नेलांग घाटी, गोमुख, तपोवन और केदारताल जैसे विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग व पर्यटन स्थलों की सैर कर सकेंगे।
बुधवार सुबह गंगोत्री से दो किलोमीटर दूर कनखू बैरियर पर गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक हरीश नेगी की मौजूदगी में पार्क कर्मियों ने पूजा-अर्चना के बाद सुबह 9 बजे गेट खोल दिए। इसी क्रम में गर्तांगली, केदारताल और भैरों घाटी-नेलांग चेकपोस्ट पर भी विधिवत पूजा के बाद गेट पर लगे ताले खोले गए।
उप निदेशक हरीश नेगी ने बताया कि गेट खुलने के बाद अब पर्यटक गोमुख, तपोवन, केदारताल, नेलांग घाटी और गर्तांगली का दीदार कर सकेंगे। पार्क प्रशासन को इस वर्ष क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र हिमालय की 40 से अधिक ऊंची चोटियों का घर है। इसी क्षेत्र में गंगोत्री और बदरीनाथ को जोड़ने वाला कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक रूट भी पड़ता है, जो ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
यह पार्क हिम तेंदुओं के प्राकृतिक वासस्थल के रूप में भी खास पहचान रखता है। इसके अलावा यहां भूरा भालू, भरल, लाल लोमड़ी और पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। गेट खुलने के मौके पर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप बिष्ट और वन दरोगा राजबीर रावत समेत विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
पिछले साल 81 लाख के करीब मिला राजस्व
गौरतलब है कि गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट गत वर्ष 30 नवम्बर को बंद किए गए थे। पिछले सीजन में 29,162 पर्यटक और पर्वतारोहियों ने पार्क का भ्रमण किया, जिससे पार्क प्रशासन को 80,96,750 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वर्ष यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।