पिथौरागढ़ पुलिस ने गुमशुदा डेढ़ साल के बच्चे को सुरक्षित मां तक पहुंचाकर संवेदनशीलता और भरोसे की मिसाल पेश की, महिला होमगार्ड ने देखा मासूम
देहरादून। 30 अगस्त 2025 को ड्यूटी पर जा रही महिला होमगार्ड आयशा को महिला अस्पताल और गांधी चौक के बीच एक डेढ़ वर्षीय बच्चा रोते हुए मिला। बच्चा घबराया हुआ था और अपने माता-पिता को तलाश रहा था। आयशा ने तुरंत मानवीय पहल दिखाते हुए बच्चे को कोतवाली पिथौरागढ़ पहुंचाया।
एएचटीयू टीम की त्वरित कार्रवाई
सूचना पर एएचटीयू टीम (हे.का. प्रेम बल्लभ छिमवाल और का. रणवीर कंबोज) ने मौके पर पहुंचकर बच्चे की जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू किया। बच्चा बहुत छोटा होने के कारण कुछ भी स्पष्ट बोलने में सक्षम नहीं था, जिससे परिजनों की तलाश चुनौतीपूर्ण रही।
चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद
बच्चे को सुरक्षा की दृष्टि से चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां से उसे राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिग्रकरण (SAA) संस्था में सुरक्षित रखा गया, जहां उसके लिए दूध, कपड़े और भोजन की व्यवस्था की गई।
मां तक पहुंची उम्मीद की किरण
लगातार प्रयासों के बाद एएचटीयू टीम बच्चे की मां श्रीमती बसंती देवी (पत्नी श्री कालिया, निवासी देवलथल, मूल निवासी नेपाल) तक पहुंचने में सफल रही। परिवार ने बताया कि बच्चा सुबह अपने पिता के साथ बाजार आया था और भीड़ में बिछड़ गया था।
भावुक मिलन
जब मासूम को उसकी मां से मिलवाया गया तो वह आंसुओं से लिपट गई। भावुक क्षणों में मां ने पिथौरागढ़ पुलिस का तहेदिल से धन्यवाद किया।
पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल
बच्चे को चाइल्ड हेल्पलाइन और CWC की मौजूदगी में उसकी मां के सुपुर्द सकुशल कर दिया गया।
👉 इस मानवीय व भावनात्मक पहल ने न केवल पुलिस की संवेदनशीलता को उजागर किया, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया।