कूटरचित दस्तावेजों से 38.25 लाख की ठगी का मामला, मुख्य अभियुक्त पहले ही जेल में
रायवाला क्षेत्र में टिहरी विस्थापित भूमि के नाम पर रची गई थी साजिश
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह के नेतृत्व में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए दून पुलिस ने एक और अहम सफलता हासिल की है। कोतवाली रायवाला क्षेत्र में टिहरी विस्थापितों को आवंटित भूमि के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक अन्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 12 जून 2025 को वादी श्री प्रताप सिंह, निवासी प्रतीतनगर, रायवाला द्वारा कोतवाली रायवाला में लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि दिनेश सिंह पडियार तथा उसके अज्ञात साथियों ने रायवाला क्षेत्र में टिहरी विस्थापित हेतु आवंटित भूमि को बेचने का झांसा देकर, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनसे 38 लाख 25 हजार रुपये की धनराशि हड़प ली। भूमि की रजिस्ट्री भी नहीं की गई। इस संबंध में कोतवाली रायवाला पर मु0अ0सं0-102/2025 धारा 420 भादवि के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
मुख्य अभियुक्त पहले ही भेजा जा चुका है जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद मुख्य अभियुक्त दिनेश सिंह पडियार को दिनांक 24 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ एवं विवेचना के दौरान एक अन्य अभियुक्त दिनेश प्रसाद बिजल्वाण की संलिप्तता भी प्रकाश में आई।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
पुलिस टीम द्वारा लगातार सुरागरसी और दबिशों के बाद दिनांक 19 जनवरी 2026 को मोहकमपुर विकास कॉलोनी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त दिनेश प्रसाद बिजल्वाण को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी भादवि के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में कबूल किया अपराध
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने कमीशन के लालच में आकर मुख्य अभियुक्त दिनेश पडियार का साथ दिया। उसने फर्जी प्रॉपर्टी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए अनुबंध पत्र में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे, जिसके बदले उसे डील पूरी होने पर कमीशन दिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
दिनेश प्रसाद बिजल्वाण पुत्र प्रेम लाल बिजल्वाण, उम्र 43 वर्ष,