संघर्षों में भी शिक्षा की ‘स्पार्क’ जला रहे डीएम सविन बंसल

सीएसआर फंड से दो होनहार बेटियों को मिली 1-1 लाख की सहायता, नंदा–सुनंदा से शिक्षा पुनर्जीवित

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। विषम परिस्थितियों में भी बेटियों के सपनों को उड़ान देने का कार्य जिला प्रशासन द्वारा निरंतर किया जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में, माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, जरूरतमंद और होनहार बेटियों की शिक्षा को नया जीवन दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रोजेक्ट ‘नंदा–सुनंदा’ के माध्यम से दो छात्राओं की शिक्षा पुनर्जीवित करते हुए सीएसआर फंड से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

सीए बनने का सपना संजोए जीविका अंथवाल को मिला संबल

बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा जीविका अंथवाल गंभीर पारिवारिक संकट से गुजर रही हैं। उनके पिता गंभीर लीवर रोग से पीड़ित हैं और कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। सीमित संसाधनों में परिवार की जिम्मेदारी उनकी माता निभा रही हैं।

शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता और लैपटॉप की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर जीविका के बैंक खाते में सीएसआर फंड से 1 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। साथ ही उनकी पढ़ाई को सुचारु बनाए रखने के लिए राइफल फंड से लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है। इस सहायता से जीविका का सीए बनने का सपना साकार होने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा है।

नन्दिनी राजपूत करेंगी नीट की तैयारी, डॉक्टर बनने की राह आसान

कक्षा 11 की छात्रा नन्दिनी राजपूत वर्ष 2018 में पिता को खो चुकी हैं। उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं और सिलाई कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। तीन बहनों में से एक नन्दिनी का सपना नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना है।

आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नन्दिनी के बैंक खाते में भी सीएसआर फंड से 1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की, जिससे उनकी शिक्षा बिना बाधा जारी रह सके।

बेटियों की शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम सविन बंसल

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि सीएसआर फंड का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंदों का कल्याण करना है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि दी गई सहायता राशि का उपयोग पूरी तरह शिक्षा में किया जाएगा।

उन्होंने उप जिलाधिकारी न्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

बेटियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें, शिक्षा की ‘स्पार्क’ को कभी बुझने न दें और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ती रहें।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बालिकाओं के अभिभावक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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