प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख, सोशल मीडिया पर समर्थन में उमड़ा जनसैलाब देहरादून | 4 फरवरी 2026
प्रदेश की राजधानी देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल अपनी सक्रिय, संवेदनशील और जनहितकारी प्रशासनिक कार्यशैली के कारण आमजन के बीच भरोसे का मजबूत प्रतीक बनकर उभरे हैं। उनके कार्यकाल में जिला प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास लगातार बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
तेजतर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की पहचान
जिलाधिकारी सविन बंसल को प्रदेश के तेजतर्रार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है। त्वरित निर्णय क्षमता और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने यह भरोसा मजबूत किया है कि प्रशासन आम नागरिकों के साथ खड़ा है।
बालिकाओं की शिक्षा और जरूरतमंदों के उत्थान पर विशेष फोकस
जिले में संचालित नंदा–सुनंदा योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।
इसके साथ ही गरीब, अनाथ एवं कूड़ा बीनने वाले बच्चों के जीवन स्तर में सुधार और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है।
राइफल फंड से सहायता, भ्रष्टाचार पर सख्ती
जिलाधिकारी द्वारा राइफल फंड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाए जाने जैसे कदम लगातार चर्चा में रहे हैं।
सामाजिक संगठनों और नागरिकों का मानना है कि इन प्रयासों से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है।
जनगणना तैयारियों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
आगामी जनगणना कार्यों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रशासनिक स्तर पर सख्ती दिखाई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना प्रक्रिया के प्रथम चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है।
28 जनवरी को हुई संयुक्त बैठक
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्र निर्धारण, जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति और विभागीय समन्वय के उद्देश्य से 28 जनवरी 2026 को निदेशक जनगणना (गृह विभाग, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनुपस्थिति बनी कार्रवाई की वजह
बैठक में कैंट बोर्ड गढ़ी और छावनी परिषद क्लेमेंटटाउन के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लिखित एवं दूरभाष के माध्यम से आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद दोनों अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहे, जिससे संबंधित क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका और जनगणना से जुड़े प्रारंभिक कार्य प्रभावित हुए।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए निदेशक जनगणना द्वारा सेंसस एक्ट, 1948 के तहत कार्रवाई की संस्तुति जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिला प्रशासन ने नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
“राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनहित को प्राथमिकता देती प्रशासनिक कार्यशैली
जिले में कई अवसरों पर यह देखा गया है कि प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी आमजन की उम्मीदें कमजोर पड़ती हैं, जिला प्रशासन समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करता है।
सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन में जनसैलाब
इन दिनों सोशल मीडिया पर जिलाधिकारी सविन बंसल को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग उनके प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा की कार्यशैली की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रियाओं में क्या कहा गया
सोशल मीडिया यूजर्स ने बालिकाओं की शिक्षा, गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए किए गए कार्यों, आर्थिक सहायता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर डीएम बंसल की कार्यशैली की प्रशंसा की है।
कई लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती और ईमानदारी के कारण ही उन्हें आम जनता का विश्वास प्राप्त हुआ है।
ईमानदारी और सख्ती को मिल रहा जनसमर्थन
लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक संदेश देखने को मिल रहा है। यूजर्स ने जिलाधिकारी की कार्यशैली को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बताया है।
जनविश्वास का प्रतीक बनती प्रशासनिक छवि
विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर मिल रहा यह समर्थन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास को दर्शाता है। आम नागरिकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि प्रशासनिक निर्णयों का प्रभाव सीधे समाज पर दिखाई दे रहा है।