विकास भवन सभागार में अधिकारियों को दी गई योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और डेटा मॉनिटरिंग की जानकारी
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून, 10 मार्च 2026। विकास भवन सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से SDG Data Eco System & Monitoring, पीएम गतिशक्ति तथा उत्तराखण्ड विजन-2047 विषय पर जनपदस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सभी जनपदस्तरीय अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का शुभारम्भ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कान्त गिरि ने किया। इस दौरान डॉ. मनोज पंत, निदेशक सेतु आयोग, उत्तराखण्ड शासन ने सतत विकास लक्ष्यों के 17 गोल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की SDG रैंकिंग 2023-24 में उत्तराखण्ड ने केरल के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस स्थान को बनाए रखना एक चुनौती है, जिसके लिए सभी विभागों को मिलकर और अधिक मेहनत करनी होगी।
कार्यशाला में सीपीपीजीजी, नियोजन विभाग देहरादून से आए विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार ने SDG Data Eco System & Monitoring पर प्रस्तुति देते हुए SDG पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रबंधन और मॉनिटरिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में देहरादून जनपद ने राज्य स्तर पर सातवां स्थान प्राप्त किया है, जिसे आने वाले वर्षों में बेहतर प्रयासों से शीर्ष स्थान तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने ‘लो हैंगिंग संकेतकों’ पर भी चर्चा करते हुए कहा कि जिन विभागों की प्रगति मानकों से कम है, उन्हें अपने डेटा मैकेनिज्म में सुधार कर रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से इन संकेतकों में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करनी होगी।
इस दौरान पीएम गतिशक्ति परियोजना प्रबंधन इकाई के परियोजना प्रबंधक अक्षय जायसवाल ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और उससे संबंधित पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल में जीआईएस आधारित आंकड़ों और विभिन्न विभागों के डाटा की उपलब्धता से योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन और अनुश्रवण में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने विभागों से पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने और अपने डाटा को नियमित रूप से अपडेट करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में उत्तराखण्ड विजन-2047 विषय पर विषय विशेषज्ञ सुश्री कस्तूरी ने प्रस्तुति देते हुए विजन-2047 की अवधारणा और पांच प्रमुख लक्ष्यों के माध्यम से वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित बनाने के लिए तय किए गए विभिन्न संकेतकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कान्त गिरि और अपर सांख्यिकीय अधिकारी धीरज गुप्ता ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया।
कार्यशाला में नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा, सहायक निदेशक दुग्ध सहित अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।