जिला प्रशासन का ‘मिशन सफाई’ : मां की शिकायत पर आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा जिला बदर

बुजुर्गों, महिलाओं में भय का पर्याय बना आरोपी गूंडा एक्ट में घोषित

वृद्ध मां से मारपीट, महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां, नशे का अड्डा चलाने के आरोप

डीएम सविन बंसल का सख्त एक्शन, 6 माह के लिए देहरादून से बाहर रहने का आदेश

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून : (14 जनवरी 2026)

जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को 6 माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।

मौहल्ले के लिए बना था डर और हिंसा का कारण

प्रकरण में जनसुनवाई एवं मौहल्लेवासियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह तथ्य सामने आए कि

दिव्यकांत लखेड़ा पुत्र स्व. राम बिहारी लखेड़ा, निवासी लेन ऋषि विहार, माजरी माफी, देहरादून —

अपनी वृद्ध माता के साथ लगातार मारपीट करता था,

भय के चलते माता को घर छोड़ना पड़ा,

मौहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करता था,

असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर घर को नशे का अड्डा बना रखा था।

इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लंबे समय से भय, अशांति और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।

गूंडा घोषित कर जिला बदर

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आरोपी के विरुद्ध 14.10.2025 को जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए

गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत उसे “गुण्डा” घोषित किया।

आदेशानुसार, आरोपी को आदेश की तिथि से 06 माह तक जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश उल्लंघन पर सख्त सजा

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि—

इस अवधि में यदि आरोपी को किसी कारण से जनपद में प्रवेश करना हो, तो

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी,

जनपद से बाहर रहते हुए अपना पूर्ण निवास पता जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय एवं

थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को देना होगा,

आदेश के उल्लंघन पर 06 माह से 03 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं जुर्माना लगाया जा सकता है।

24 घंटे में जिला छोड़ने के निर्देश

थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को आदेश की प्रति तामील कराते हुए

24 घंटे के भीतर आरोपी को जनपद से बाहर भेजने तथा

अनुपालन आख्या जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जीरो टॉलरेंस नीति

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि

असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है

और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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