दो पहिया निजी वाहनों से चल रहे ई-ऑटो पर रोक की मांग, 19 जनवरी तक समाधान नहीं तो आंदोलन

दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने प्रेस वार्ता कर सरकार और परिवहन विभाग पर लगाया अनदेखी का आरोप

देहरादून। दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर सरकार और परिवहन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है। मंगलवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि 19 जनवरी तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार के ऑटो चालक एकजुट होकर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

यूनियन अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि दो पहिया निजी वाहनों की प्लेटों पर लंबे समय से अवैध रूप से ई-ऑटो का संचालन हो रहा है, जिससे सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

यूनियन ने ई-ऑटो और ई-रिक्शा के नए रजिस्ट्रेशन को कम से कम 10 वर्षों के लिए बंद करने, तथा ऑटो खरीद-बिक्री में केवल उत्तराखण्ड के स्थायी निवासियों को ही अनुमति देने की मांग उठाई।

महामंत्री शशिकांत भट्ट ने कहा कि 3+1 सीएनजी ऑटो की वर्तमान 25 किलोमीटर परिधि को बढ़ाकर 40 किलोमीटर किया जाए या उन्हें जॉलीग्रांट एयरपोर्ट तक सवारी ले जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने बताया कि फिटनेस सेंटर देहरादून के केंद्र में स्थापित किया जाना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में दूरी अधिक होने से चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और बार-बार वार्ता के बावजूद प्रशासन समाधान के प्रति गंभीर नहीं है।

 

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 19 जनवरी तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 20 जनवरी को सुबह 11 बजे कम्मानी चौक ऋषिकेश से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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