:- वार्डवार सत्यापन में 40 नई संपत्तियां कर के दायरे में, शहर में स्वच्छता और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम देहरादून द्वारा शहर में भवनकर वसूली, अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता को लेकर सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की।
नगर निगम क्षेत्र में भवनकर से वंचित संपत्तियों का वार्डवार सत्यापन किया जा रहा है। अभियान के दौरान 250 संपत्तियों का सत्यापन किया गया, जिसमें 40 नई संपत्तियों को भवनकर के दायरे में शामिल किया गया। नगर निगम द्वारा बड़े बकायेदारों की सूची भी तैयार कर ली गई है और उन्हें नोटिस जारी कर भवनकर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को नगर निगम ने कुल 50,96,545 रुपये भवनकर की वसूली की। नागरिकों की सुविधा के लिए अवकाश के दिनों में भी नगर निगम कार्यालय खुला रखा जाएगा, ताकि भवन स्वामी आसानी से कर जमा कर सकें।
इसी क्रम में अपर नगर आयुक्त प्रवीण कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण और गंदगी के खिलाफ संयुक्त प्रवर्तन अभियान भी चलाया गया। अभियान में सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान, विनय प्रताप, भूमि अनुभाग की टीम, CSI/SI और QRT टीम शामिल रही।
सुबह परेड ग्राउंड से गांधी पार्क तक निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य अनुभाग की टीम ने 32 चालान करते हुए 24,900 रुपये का अर्थदंड लगाया। इंद्रा मार्केट में कूड़ा जलाने पर एक दुकानदार का 2,000 रुपये का चालान किया गया।
भूमि अनुभाग द्वारा मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए 21 चालान किए गए और 7,500 रुपये की नगद वसूली की गई। इस दौरान 18 बैनर, 5 पोस्टर, 23 बोर्ड, 2 काउंटर और 3 गन्ने की मशीनें भी हटाई गईं।
वहीं QRT टीम ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और अजबपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 10 चालान किए और 13,700 रुपये का अर्थदंड लगाया।
अपर नगर आयुक्त ने टीम को निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर C&D वेस्ट डालने, अवैध होर्डिंग लगाने, अतिक्रमण करने या गंदगी फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार नोटिस और चालान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि निर्माण मलबा केवल निर्धारित स्थलों पर ही डालें, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं और अतिक्रमण से बचें। शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है।