चारधाम यात्रा 2026: मंदिर परिसरों में मोबाइल, फोटो और वीडियो पर पूर्ण प्रतिबंध

🔸 मंदिर परिसर में मोबाइल, फोटो और वीडियो पूरी तरह प्रतिबंधित

🔸 50–60 मीटर दायरे में मोबाइल ले जाना भी वर्जित

🔸 ब्लॉगर्स/वीडियो मेकर्स की भीड़ रोकने के लिए सख्ती

🔸 “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” का गठन

🔸 गर्भगृह में गैर-सनातनी लोगों का प्रवेश वर्जित

🔸 रावल की नियुक्ति परंपरागत प्रक्रिया से ही होगी                                    मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस बार यात्रा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ तीर्थ पुरोहितों के हित में “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” का गठन भी किया गया है।

बीकेटीसी के अनुसार, मंदिर परिसर के करीब 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में स्पष्ट एसओपी तैयार की गई है और यात्रा शुरू होने से पहले प्रमुख स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।

अध्यक्ष ने बताया कि विशेष रूप से केदारनाथ धाम में चबूतरे पर दर्शन के नाम पर ब्लॉगर्स और वीडियो बनाने वालों की भीड़ बढ़ रही थी, जिससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गर्भगृह और मंदिर परिसर में गैर-सनातनी लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा। यह व्यवस्था पहले से चली आ रही परंपराओं के अनुरूप ही लागू की जा रही है।

रावल (मुख्य पुजारी) की नियुक्ति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह परंपरागत है। केवल पद रिक्त होने या त्यागपत्र की स्थिति में ही नई नियुक्ति की जाती है और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं होता।

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