बौद्धिक संपदा अधिकारों से सशक्त होंगे कलाकार, राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर कदम
देहरादून, 26 दिसंबर। स्थानीय कलाकारों की कलात्मक कृतियों को बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों के तहत सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दून इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस (DIPS) और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी, देहरादून के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
शुक्रवार को बल्लूपुर रोड स्थित चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह एमओयू संपन्न हुआ। इस समझौते के माध्यम से चित्रा आर्ट गैलरी से जुड़े कलाकारों को उनकी कलाकृतियों के कॉपीराइट एवं अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण हेतु तकनीकी सहयोग, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर डीआईपीएस के आईपी डिवीजन प्रमुख डॉ. अनुज रतूड़ी ने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि रचनात्मक कार्यों की सुरक्षा के लिए कॉपीराइट बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस एमओयू के तहत कलाकारों की कृतियों को कानूनी सुरक्षा मिलने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान भी प्राप्त होगी।
वहीं चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के संस्थापक श्री अरविंद गैरोला ने कहा कि उत्तराखंड की पहली अंतरराष्ट्रीय कला दीर्घा के रूप में चित्रा आर्ट गैलरी देश-विदेश के कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने इस समझौते को कलाकारों के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह पहल कलाकारों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगी।
कार्यक्रम में डीआईपीएस के हेड मार्केटिंग राकेश डोभाल भी उपस्थित रहे।