यूजेवीएन लिमिटेड की 132वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 132वीं बोर्ड बैठक आज सचिवालय में मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड श्री आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में निगम से जुड़े मानव संसाधन, परिचालन, जलविद्युत, सौर एवं ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
पदों के पुनर्गठन और विशेषज्ञ तकनीकी समूह को हरी झंडी
निदेशक मंडल ने निगम के स्थायी एवं अस्थायी पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन, डिजाइन और क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ तकनीकी समूह के गठन को भी मंजूरी दी गई।
यह समूह पिथौरागढ़ जनपद की 114 मेगावॉट सेला-उर्थिंग, 102 मेगावॉट मोरी-त्यूनी सहित अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं पर तकनीकी मार्गदर्शन देगा।
लखवाड़, मोरी-त्यूनी और मनेरी भाली परियोजनाओं पर अहम निर्णय
बैठक में मनेरी भाली द्वितीय चरण के जोशियाड़ा बैराज के डाउनस्ट्रीम जल प्रवाह न्यूनतम करने से संबंधित कार्यों की संशोधित लागत एवं प्रशासनिक स्वीकृति को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा 300 मेगावॉट लखवाड़ परियोजना के विद्युत-यांत्रिक कार्यों की अद्यतन लागत और संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी स्वीकृति मिली।
मोरी-त्यूनी परियोजना के लिए परामर्शदात्री सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई।
लघु व मध्यम जलविद्युत परियोजनाओं को भी गति
चमोली जनपद की 3 मेगावॉट उर्गम लघु जलविद्युत परियोजना के पुनरोद्धार हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट एवं निवेश योजना को अनुमोदन दिया गया।
72 मेगावॉट त्यूनी-प्लासु परियोजना में विद्युत-यांत्रिक उपकरणों की स्थापना हेतु निविदा आमंत्रण और पिथौरागढ़ की 12 मेगावॉट तांकुल परियोजना के सिविल डिजाइन एवं इंजीनियरिंग कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
ऊर्जा नियामक आयोग में समीक्षा याचिकाओं को मंजूरी
निदेशक मंडल ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के 2025 विनियमों में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण टैरिफ एवं ट्रेडिंग मार्जिन से संबंधित प्रावधानों पर समीक्षा याचिका दायर करने की अनुमति दी।
इसके साथ ही सौर परियोजनाओं को वाणिज्यिक संचालन तिथि का विस्तार न मिलने के मुद्दे पर भी आयोग में समीक्षा याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया गया।
उत्पादन लक्ष्य से आगे निकला यूजेवीएन
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत उत्पादन की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि वर्तमान तक निगम के विद्युत गृह अपने निर्धारित लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट अधिक उत्पादन कर चुके हैं।
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चंद्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए.के. सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन, विवेक आत्रेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।