झबरेड़ा (हरिद्वार)। झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती के खिलाफ कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती का सख्त और अनोखा तेवर देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज़ विधायक ने मंगलवार को ऊर्जा निगम के अधिकारियों के सरकारी आवासों की बिजली कटवा दी, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
⚡ जनता की परेशानी का जवाब अफसरों को उन्हीं की भाषा में
विधायक वीरेंद्र जाती ने करीब 15 दिन पूर्व ऊर्जा निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर देहात क्षेत्र में सुबह-शाम हो रही अघोषित बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया था कि बिजली आपूर्ति में सुधार न होने की स्थिति में वह स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
विधायक का कहना था कि बार-बार की बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। खेती, घरेलू कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार तक ठप हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
⚡ चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे हालात
(क्रॉस हेडिंग)
एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी जब हालात जस के तस बने रहे, तो मंगलवार सुबह विधायक वीरेंद्र जाती सीधे अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारियों के सरकारी आवासों पर पहुंचे और वहां की बिजली आपूर्ति कटवा दी।
इस कार्रवाई से ऊर्जा निगम में अफरा-तफरी मच गई और अधिकारियों में खलबली देखी गई।
🗣️ “जब अफसर खुद अंधेरे में रहेंगे, तभी समझेंगे जनता का दर्द”
इस दौरान विधायक वीरेंद्र जाती ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“जिस परेशानी से झबरेड़ा की जनता रोज गुजर रही है, वही परेशानी अगर अधिकारी भी झेलेंगे, तभी उन्हें जमीनी हकीकत का एहसास होगा। जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
🔴 राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
इस घटनाक्रम के बाद झबरेड़ा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। आम ग्रामीणों ने विधायक की इस कार्रवाई को जनहित में उठाया गया साहसिक कदम बताया है।