उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को नई उड़ान, धामी सरकार के कार्यकाल में बढ़ीं 321 सीटें, विदेशों तक खुल रहे रोजगार के द्वार

: प्रदेश में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित, सरकारी और निजी संस्थानों में कुल सीटों की संख्या पहुंची 11,495

 : जापान में 60 और जर्मनी में 13 युवाओं को मिला रोजगार, नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए फैकल्टी की नियुक्तियों पर जोर

: 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी, 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए भेजा अधियाचन

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नर्सिंग शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। जुलाई 2021 से अब तक प्रदेश में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की गई है, जिससे विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों की संख्या बढ़कर 11,495 हो गई है।

प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का बढ़ता दायरा न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायक हो रहा है, बल्कि युवाओं को बेहतर करियर बनाने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। सरकार का विशेष जोर नर्सिंग संस्थानों में शैक्षिक गुणवत्ता, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर है।

तीन नए राजकीय कॉलेजों से बढ़ी नर्सिंग की 321 सीटें

राज्य सरकार की ओर से जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल 321 सीटें बढ़ाई गई हैं। इनमें बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें शामिल हैं।

इसके साथ ही प्रदेश के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या 879 तक पहुंच गई है। इन संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिला रहा अंतरराष्ट्रीय रोजगार

उत्तराखंड के नर्सिंग विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के योग्य बनाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी भाषाओं में दक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार की इस पहल के तहत वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार प्राप्त हुआ। वहीं, वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला। इससे प्रदेश के नर्सिंग प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार की संभावनाओं को बल मिला है।

निजी नर्सिंग संस्थानों में 10,616 सीटें, दूसरे राज्यों से भी आ रहे विद्यार्थी

प्रदेश में निजी क्षेत्र की भागीदारी से भी नर्सिंग शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में 5,138 सीटों की मंजूरी दी गई।

इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच गई है।

उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे प्रदेश नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर रहा है।

शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर, 66 नियमित नर्सिंग ट्यूटर नियुक्त

नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षकों और अन्य संकाय सदस्यों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार दिसंबर 2021 में 40 नर्सिंग ट्यूटरों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद जून 2025 तक 26 अन्य ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की कुल संख्या 66 हो गई।

इसी क्रम में अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। नवंबर 2025 में सात अन्य संकाय सदस्यों को नियुक्त किया गया।

सरकार ने ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के नए पदों का सृजन भी किया है।

जल्द मिलेंगे 16 असिस्टेंट प्रोफेसर, 30 ट्यूटरों की भर्ती की तैयारी

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के अनुसार 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

इसके अलावा सितंबर 2026 में 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है। इन पदों पर नियुक्तियां होने से नर्सिंग संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हर साल 12 से 15 हजार युवा करते हैं आवेदन

उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रतिवर्ष लगभग 12 हजार से 15 हजार अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।

नर्सिंग क्षेत्र में सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ विदेशों में रोजगार की संभावनाएं युवाओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित कर रही हैं।

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना सरकार के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

एक नजर में उत्तराखंड की नर्सिंग शिक्षा

विवरण

संख्या

नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज

3

राजकीय संस्थानों में बढ़ी सीटें

321

राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में कुल सीटें

879

निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल सीटें

10,616

प्रदेश में कुल नर्सिंग सीटें

11,495

जापान में रोजगार पाने वाले अभ्यर्थी

60

जर्मनी में रोजगार पाने वाले अभ्यर्थी

13

नियमित नर्सिंग ट्यूटर

66

प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्तियां

16

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