:- झारखंड के 21 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से बनाई पहचान, रणजी ट्रॉफी में 266 रन की ऐतिहासिक पारी और आईपीएल में 7.20 करोड़ की बोली ने बटोरी थीं सुर्खियां
मोनाल एक्सप्रेस, स्पोर्ट्स डेस्क, 16 अक्टूबर 2026। भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से पहचान बनाने वाले झारखंड के युवा क्रिकेटर कुमार कुशाग्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बोकारो के रहने वाले 21 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले कुशाग्र के लिए यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुमार कुशाग्र उन युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। रणजी ट्रॉफी में 266 रन की ऐतिहासिक पारी, आईपीएल नीलामी में करोड़ों रुपये की बोली और इंडिया-ए के लिए शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों की कतार में खड़ा कर दिया है।
महज 17 साल की उम्र में तोड़ा था जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड
कुमार कुशाग्र ने वर्ष 2022 में रणजी ट्रॉफी के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ 266 रन की शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया था। उस समय उनकी उम्र महज 17 साल 141 दिन थी।
इस पारी के साथ वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 250 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। उन्होंने पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद का 46 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
आईपीएल में 7.20 करोड़ की बोली ने चौंकाया था
कुमार कुशाग्र की प्रतिभा को आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने भी पहचाना। आईपीएल 2024 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में खरीदा था। इतनी कम उम्र में मिली इस बड़ी कीमत ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया।
इसके बाद आईपीएल 2025 की नीलामी में गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। गुजरात फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 सीजन के लिए भी उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें रिटेन किया।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में खेली तूफानी पारी
घरेलू टी20 क्रिकेट में भी कुमार कुशाग्र ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में हरियाणा के खिलाफ उन्होंने महज 38 गेंदों में 81 रन की विस्फोटक पारी खेली थी।
उनकी इस शानदार बल्लेबाजी ने झारखंड को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन से उन्होंने साबित किया कि वह बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
इंडिया-ए के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी दिखाया दम
सितंबर-अक्टूबर 2026 में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मुकाबले में भी कुमार कुशाग्र का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने एक पारी में 113 रन और दूसरी पारी में नाबाद 46 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
हाल ही में चोटिल ऋषभ पंत की जगह उन्हें न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली इंडिया-ए टीम में भी शामिल किया गया था। लगातार अच्छे प्रदर्शन ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने उनकी दावेदारी मजबूत की।
घरेलू क्रिकेट में शानदार हैं कुमार कुशाग्र के आंकड़े
अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार कुमार कुशाग्र का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड इस प्रकार है।
प्रारूप
मैच
रन
औसत
सर्वोच्च स्कोर
शतक/अर्धशतक
प्रथम श्रेणी
38
2,507
42.49
266
7/6
लिस्ट-ए
40
1,387
51.37
143*
2/10
घरेलू टी20
33
694
27.76
86*
0/5
इन आंकड़ों में विशेष रूप से लिस्ट-ए क्रिकेट का 51.37 का बल्लेबाजी औसत उनकी निरंतरता को दर्शाता है। वहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सात शतक उनकी लंबी पारियां खेलने की क्षमता का प्रमाण हैं।
अब टीम इंडिया में अपनी पहचान बनाने की चुनौती
झारखंड के बोकारो से भारतीय टीम तक पहुंचने का कुमार कुशाग्र का सफर युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणादायक है। विकेटकीपिंग के साथ आक्रामक बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए अपनी प्रतिभा साबित कर चुके कुशाग्र के सामने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने की चुनौती होगी। भारतीय टीम में पहली बार मिले इस अवसर को वह कितनी बड़ी उपलब्धि में बदल पाते हैं, इस पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रहेंगी।