:- कुमारी सैलजा और गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकली रैली, कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग
:- घंटाघर पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच की मांग; रैली से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित, कई मार्गों पर लगा जाम
देहरादून, 16 अक्टूबर। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और प्रकरण में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को राजधानी देहरादून में बाइक और स्कूटर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकली रैली में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस की बाइक रैली आईएसबीटी के समीप शिमला बाईपास चौक क्षेत्र से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई घंटाघर पहुंची। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के साथ प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों के सड़कों पर उतरने से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। विशेष रूप से घंटाघर और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।
घंटाघर पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग दोहराई।
रैली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सरकार से मांगा जवाब :-
घंटाघर पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में सामने आए कथित वीआईपी के संबंध में उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने तक जारी रहेगा संघर्ष : सैलजा
उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदर्शन के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना कांग्रेस की प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकरण में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
सैलजा ने दावा किया कि वायरल ऑडियो में कथित वीआईपी का उल्लेख होने के बाद भी संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अपनी बेटियों के सम्मान और न्याय के सवाल पर चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी। सैलजा ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
वोट चोरी के मुद्दे पर भी चुनाव आयोग को घेरा :-
कुमारी सैलजा ने रैली के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कथित वोट चोरी और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लगातार उठा रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी सहित अनेक आंदोलनकारियों ने प्रदेश की अस्मिता और अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। कांग्रेस भी प्रदेश के हितों और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करती रहेगी।
बाइक रैली से यातायात प्रभावित, घंटाघर पर लगा जाम :-
कांग्रेस की बाइक रैली के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। रैली के घंटाघर पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों और कार्यकर्ताओं के एकत्र होने से आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिसकर्मियों ने यातायात नियंत्रित करने और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने का प्रयास किया। इससे कुछ समय तक आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सामाजिक संगठनों ने भी उठाई न्याय की मांग :-
उधर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी शुक्रवार को गांधी पार्क के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रदेश की जनता की भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला है। ऐसे में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।