बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक, बेटियों के सपनों को साकार करना माता-पिता की जिम्मेदारी
देहरादून। डीडी कॉलेज, नींबूवाला, देहरादून में विश्व बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं के अधिकार, संरक्षण, शिक्षा और अस्मिता की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक लघु नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और उनके सपनों को साकार करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभिक उद्बोधन में कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. ज्योत्सना रमोला ने विश्व बालिका दिवस की महत्ता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज बालिकाएं परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव हैं। बालिकाओं को अपने अस्तित्व के प्रति जागरूक होना चाहिए। साथ ही, समाज को भी लड़कियों की सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है।
बेटियों की शिक्षा और सपनों को मिले प्राथमिकता
लघु नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि लड़की को जन्म देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी शिक्षा सुनिश्चित करना और उसके सपनों को साकार करने में सहयोग देना भी माता-पिता की जिम्मेदारी है। बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
छात्राओं ने निभाई प्रमुख भूमिकाएं
नाटक में मुख्य भूमिका कु. जान्हवी, कु. आयुषी और कु. प्रियांशी ने निभाई। नाटक का प्राक्कथन और अंतर्कथन कु. राशी पांडे और कु. सुजैन ने प्रस्तुत किया। दोनों ने कार्यक्रम का प्रारंभ और समापन कथन भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।