:- तस्मिया अकादमी में आयोजित युवा कवि सम्मेलन/मुशायरे में 20 प्रतिभागियों ने पेश किया अपना कलाम, युवा लेखकों को प्रोत्साहन देने की पहल
देहरादून, 06 सितंबर। देहरादून स्थित तस्मिया अकादमी, निकट द्वारिका स्टोर में रविवार को अहल-ए-सुख़न की ओर से युवा कवि सम्मेलन/मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा लेखकों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम की अगुवाई तस्मिया अकादमी के संस्थापक डॉक्टर फ़ारूक साहब ने की। वहीं कार्यक्रम की निज़ामत अहल-ए-सुख़न के संस्थापक राज कुमार ‘राज’ ने की। कार्यक्रम में कुल 20 प्रतिभागियों ने शिरकत की और अपनी रचनाओं एवं कलाम से महफ़िल को यादगार बना दिया।
मुशायरे में युवा रचनाकारों ने अपनी कविताओं और शायरी के माध्यम से विभिन्न भावनाओं और विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा और उनका उत्साहवर्धन किया।
अहल-ए-सुख़न के संस्थापक राज कुमार ‘राज’ ने सफल आयोजन का श्रेय अपनी टीम के सदस्यों गौरव ‘सारथी’, अविरल, हरेन्द्र ‘माँझा’, अनहद व अमन रतूड़ी को दिया। उन्होंने कहा कि युवा रचनाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना अहल-ए-सुख़न का निरंतर प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान साहित्य और रचनात्मक लेखन से जुड़े लोगों की सहभागिता ने माहौल को साहित्यिक रंग से भर दिया। युवा कवियों और शायरों के लिए आयोजित यह महफ़िल साहित्य के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आई।