:- मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 45 दिन में पूरी हुई प्रक्रिया, 1,188 खातों का रिकॉर्ड भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध
देहरादून/सेलाकुई, 26 अगस्त। सेलाकुई क्षेत्र के मौजा सेंट्रल होप टाउन के हजारों निवासियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। करीब 8 से 10 वर्षों से बंदोबस्ती प्रक्रिया के चलते लंबित खतौनी अब ऑनलाइन उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद शासन-प्रशासन ने महज 45 दिनों में प्रक्रिया पूरी करते हुए 1,188 खातों को भूलेख पोर्टल से ऑनलाइन जोड़ दिया है। इससे क्षेत्र की करीब 25 से 30 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
दरअसल, 11 जुलाई 2026 को आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में सेंट्रल होप टाउन के लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष खतौनी ऑनलाइन नहीं होने की समस्या उठाई थी। ऑनलाइन भू-अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण स्थानीय लोगों को दाखिल-खारिज, बैंक ऋण, विरासत दर्ज कराने के साथ ही स्थायी निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
दो माह की समय सीमा, 45 दिन में समाधान
जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो माह के भीतर हर हाल में खतौनी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तेजी से कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय सीमा से पहले ही 25 अगस्त 2026 को खतौनी भूलेख पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई।
बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेंट्रल होप टाउन के 1,188 खातों के राजस्व अभिलेखों को डिजिटल रूप से भूलेख प्रणाली से जोड़ा गया है। अब क्षेत्रवासियों को भूमि संबंधी दस्तावेजों और विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वर्षों से लंबित काम हुआ आसान
ऑनलाइन खतौनी उपलब्ध होने से अब स्थानीय लोगों के लिए भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। बैंक ऋण, दाखिल-खारिज, विरासत दर्ज कराने तथा विभिन्न सरकारी प्रमाण-पत्रों से जुड़े कार्यों में भी लोगों को सहूलियत मिलेगी। आवेदक घर बैठे भूलेख पोर्टल के माध्यम से अपनी खतौनी प्राप्त कर सकेंगे।
क्षेत्रवासियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
खतौनी ऑनलाइन होने पर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा शासन-प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान होने से भूमि संबंधी व्यक्तिगत कार्यों के साथ ही विकास से जुड़े कई लंबित कार्यों को भी गति मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।