IIF1 (1)_260221_210538मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में शनिवार को उस वक्त बड़ा बवाल खड़ा हो गया जब रायपुर से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से रायपुर थाने में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोप-प्रत्यारोप, मारपीट, कुर्सियां और मोबाइल फेंकने से लेकर 35 मिनट तक बंधक बनाने के दावों के बीच शिक्षा विभाग का माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार दोपहर करीब 12:10 से 12:30 बजे के बीच विधायक उमेश शर्मा काऊ शिक्षा निदेशालय पहुंचे। बताया गया कि वे रायपुर क्षेत्र में बने स्कूल का नाम निशुल्क भूमि दान करने वालों के नाम पर रखे जाने संबंधी शासन को भेजे गए प्रस्ताव की प्रगति और उसकी प्रति लेने पहुंचे थे।
विधायक पक्ष का आरोप
विधायक के सुरक्षाकर्मी कांस्टेबल सुशील रमोला और सुधीर बहुगुणा की तहरीर के अनुसार:
निदेशालय में पहले से मौजूद कुछ लोगों ने हंगामा किया।
एक व्यक्ति ने विधायक की ओर मोबाइल फोन फेंका, जो उनके कंधे पर लगा।
आरोप है कि उन्हें कमरे में बंद किया गया।
सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
बचाव के दौरान विवाद और बढ़ गया।
विधायक का यह भी आरोप है कि निदेशक द्वारा बुलाए गए लोगों ने उन पर हमला किया और तोड़फोड़ की।
निदेशक का आरोप: 35 मिनट तक बंधक, मारपीट में घायल
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि:
विधायक समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।
प्राथमिक स्कूल अस्थल का नाम बदलने को लेकर दबाव बनाया गया।
गाली-गलौच और मारपीट की गई।
उन्हें करीब 35 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया।
निदेशक के अनुसार, जब कर्मचारियों ने दरवाजा खुलवाया तो भीड़ ने हमला कर दिया। कुर्सियां फेंकी गईं और कार्यालय का सामान पलट दिया गया। महिला कर्मचारियों के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया है।
घटना में निदेशक के माथे पर आंख के पास चार टांके लगे हैं। महिला कर्मचारी शाइदा और विमल के भी घायल होने की सूचना है। उन्हें उपचार के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया।
कर्मचारियों का उबाल: सड़क जाम, कार्य बहिष्कार और गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर ननूरखेड़ा रोड पर जाम लगा दिया। बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है।
शनिवार शाम करीब पौने सात बजे आक्रोशित शिक्षक रायपुर थाने पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में काली मंदिर के पास विधायक और समर्थकों का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में हीरा सिंह बिष्ट, प्रवीण त्यागी, सुजाता पॉल, सूरत सिंह नेगी, शुभम चौहान और तेजस्वी राणा समेत कई लोग शामिल रहे।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। घटनाक्रम को लेकर शिक्षा महकमे और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।