नवाचार, शोध एवं बौद्धिक संपदा के संरक्षण की जरूरत : प्रो. नेगी

वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपथर के प्राचार्य प्रो. डी.एस. नेगी
रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद मोहन पैन्यूली

 नवाचार और बौद्धिक संपदा संरक्षण पर जोर

उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डी.एस. नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को आईपीआर के महत्व से अवगत कराते हुए नवाचार, शोध एवं बौद्धिक संपदा के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

🎙️ विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान

तकनीकी सत्र में आर.एच. गवर्नमेंट पी.जी. कॉलेज, उधम सिंह नगर की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुमिता श्रीवास्तव ने “बौद्धिक संपदा अधिकारों का परिचय” विषय पर व्याख्यान देते हुए आईपीआर के मूल सिद्धांतों, प्रकारों और शैक्षणिक महत्व को सरल भाषा में समझाया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में युकॉस्ट के डॉ. हिमांशु गोयल ने “डिजिटल दुनिया में आईपीआर” विषय पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल युग में कॉपीराइट, पेटेंट एवं ट्रेडमार्क से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला।

 प्रश्नोत्तर में छात्रों की सक्रिय भागीदारी

प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक अपनी जिज्ञासाएं रखीं। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद मोहन पैन्यूली ने समापन सत्र में सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृतिका नेगी ने किया। सह-संयोजक डॉ. रोहित वर्मा, मीडिया प्रभारी डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान सहित महाविद्यालय एवं प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के अनेक प्राध्यापक इस अवसर पर उपस्थित रहे।

यह आयोजन महाविद्यालय के आईपीआर जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा संरक्षण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है।

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