**कोच मनीष वर्मा व मैनेजर पूर्व सैनिक नायक कलम सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में उतरी उत्तराखंड टीम**
**रोइंग, दिबांग वैली (अरुणाचल प्रदेश), 12 से 15 फरवरी 2026।**
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। पूर्वोत्तर भारत की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से सजी रोइंग की धरती पर आयोजित *राष्ट्रीय साइक्लिंग चैंपियनशिप 2026* में उत्तराखंड की टीम ने पूरे जोश, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई। यह प्रतियोगिता 12 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसका आयोजन *साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ उत्तराखंड (CFI)* द्वारा किया गया है।
हरे-भरे पहाड़, स्वच्छ वातावरण और सरल, मेहनती व मधुर स्वभाव के स्थानीय लोगों की मेहमाननवाज़ी के बीच उत्तराखंड की टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। रोइंग की प्राकृतिक वादियाँ खिलाड़ियों के लिए किसी प्रेरणा स्थल से कम नहीं रहीं।
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## 🚴 उत्तराखंड की टीम: 4 बेटियाँ और 15 बेटों का हौसला
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड से कुल **19 खिलाड़ी** (4 बालिकाएँ और 15 बालक) विभिन्न आयु वर्ग और इवेंट्स में हिस्सा ले रहे हैं। टीम में *एलीट, under 23 वर्ग, जूनियर, सब-जूनियर और यूथ* वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं।
### ⭐ एलीट वर्ग के खिलाड़ी:
* भारत मेहता
* अमन गुरंग
* रोहन सिंह
Under 23 वर्ग
* Kapil
* Lakash
* Sarthak
### ⭐ जूनियर वर्ग:
* अवन्य
* अंजू
* आयुष रावत
* मयंक नारायण
* अभय वर्मा
### ⭐ सब-जूनियर वर्ग:
* प्रिया (ग्राम – उलंगरा)
* कालावती (ग्राम – मुन्दोली)
* अश्विन रौथाण
* श्रीनिक साह
* परजुवल चौहान
### ⭐ यूथ वर्ग:
* हार्दिक
* अनुनय
* स्वास्तिक
उत्तराखंड ने पहले दिन पहला कांस्य पदक जीता यूथ वर्ग के खिलाड़ी अनुनय ने!
इन सभी खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय मंच तक अपनी जगह बनाई है। खास बात यह है कि *मुन्दोली राइडर्स क्लब* की तीन छात्राएँ — **प्रिया (उलंगरा), कालावती (मुन्दोली) और अंजू (मुन्दोली)** — भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों के लिए गर्व का क्षण है।
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## 🎖️ अनुभवी मार्गदर्शन: कोच मनीष वर्मा और मैनेजर कलम सिंह बिष्ट
टीम का नेतृत्व वरिष्ठ कोच **श्री मनीष वर्मा** कर रहे हैं, जिनके प्रशिक्षण और रणनीति ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
टीम के मैनेजर हैं **पूर्व सैनिक नायक कलम सिंह बिष्ट**, जिन्हें सेना प्रमुख (COAS), GOC-in-C और राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अल्ट्रा ट्रेल रनर गोल्ड मेडलिस्ट, समाजसेवी और *मुन्दोली राइडर्स क्लब* के संस्थापक हैं।
कलम सिंह बिष्ट का जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। स्वयं का पक्का घर न होने के बावजूद वे युवाओं को “**शास्त्र, शस्त्र और खेल**” के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि खेल केवल शरीर को मजबूत नहीं बनाता, बल्कि चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना भी विकसित करता है।
उनके मार्गदर्शन में पहाड़ के दूरस्थ गाँवों के बच्चे आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। वे युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।
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## 🌄 रोइंग: प्राकृतिक सौंदर्य और सरलता की भूमि
दिबांग वैली का रोइंग क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। ऊँचे-ऊँचे पर्वत, बहती नदियाँ और हरियाली से भरपूर घाटियाँ खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देती हैं।
स्थानीय लोग बेहद ईमानदार, मेहनती, खुशमिजाज, मधुर और विनम्र स्वभाव के हैं। उत्तराखंड की टीम ने यहाँ की संस्कृति और आतिथ्य की सराहना की। खिलाड़ियों ने बताया कि यहाँ का सकारात्मक वातावरण प्रतियोगिता के तनाव को कम करने में सहायक रहा।
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## 💪 मुन्दोली राइडर्स क्लब: ग्रामीण प्रतिभाओं का उभरता केंद्र
मुन्दोली राइडर्स क्लब आज उत्तराखंड में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का मजबूत मंच बन चुका है। सीमित संसाधनों के बावजूद क्लब के संस्थापक कलम सिंह बिष्ट और उनकी टीम बच्चों को साइक्लिंग, रनिंग, पर्वतारोहण, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, योग और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
प्रिया, कालावती और अंजू जैसी बेटियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो पहाड़ की बेटियाँ भी राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा सकती हैं।
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## 🇮🇳 उत्तराखंड को उम्मीद
राष्ट्रीय साइक्लिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की यह भागीदारी केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के आत्मविश्वास और सामर्थ्य का प्रदर्शन है। खिलाड़ियों ने दृढ़ निश्चय किया है कि वे पूरी मेहनत और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।
कोच मनीष वर्मा ने कहा कि टीम पूरी तरह तैयार है और खिलाड़ियों में जीत का जज़्बा है। वहीं मैनेजर कलम सिंह बिष्ट ने खिलाड़ियों को अनुशासन, संयम और राष्ट्रभक्ति के साथ खेलते हुए उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन करने का संदेश दिया।
🌟 निष्कर्ष
रोइंग की सुंदर वादियों में आयोजित यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप उत्तराखंड के लिए गौरव का अवसर है। 4 बेटियों और 15 बेटों की यह टीम केवल पदक जीतने नहीं, बल्कि पहाड़ की मेहनत, संघर्ष और सपनों की कहानी लिखने आई है।
यदि समर्पण, सही दिशा और मजबूत नेतृत्व मिले तो सीमित संसाधन भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं। उत्तराखंड की यह युवा साइक्लिंग टीम उसी संकल्प और ऊर्जा के साथ राष्ट्रीय मंच पर उतरी है — जीत की राह पर आगे बढ़ते हुए।