शादी-विवाह व धार्मिक आयोजनों में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित
पंचायत से गरूड़ गंगा पुल तक निकाली जनजागरूकता रैली
भावी पीढ़ी और युवाओं के भविष्य को बचाने का संकल्प
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून: चमोली जिले में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे शराब विरोधी आंदोलन ने अब और तेज रूप ले लिया है। जोशीमठ ब्लॉक के पाखी गांव में शराब के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ग्राम सभा ने शराब पीने और पिलाने वालों पर ₹51 हजार का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
ग्राम प्रधान सुनीता जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि गांव में होने वाले धार्मिक आयोजनों, शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मौजूद महिलाओं और युवाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शराब को गांव से बाहर करने की इस मुहिम से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
इस अवसर पर पंचायत घर पाखी से पीपलधार होते हुए गरूड़ गंगा पुल तक जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल ग्रामीणों ने शपथ ली कि शराब परोसने और सेवन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शपथ का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी।
महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण पहाड़ के युवाओं का स्वास्थ्य और आर्थिकी बर्बाद हो रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गांव के सभी लोगों ने इस अभियान में भागीदारी निभाने का भरोसा दिलाया और इसे भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जोड़ा।
बैठक और रैली में क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश कुमार, मंमद अध्यक्ष बबीता पंवार, वन पंचायत सरपंच सीमा देवी, पूर्व प्रधान कुंवर सिंह, जसपाल पंवार, भुवनेश जोशी, महावीर पंवार, मनवीर बिष्ट, विकेश पंवार, मुकेश पंवार, हरीश पंवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।