एनएसए अजीत डोभाल पर सवाल राष्ट्रसेवकों का अपमान, कांग्रेस की घटिया राजनीति: मनवीर सिंह चौहान

कांग्रेस बताए—राष्ट्र की सुरक्षा में दिया अपना योगदान, गोदियाल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें: भाजपा

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) श्री अजित डोभाल के योगदान पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों की कड़ी निंदा की है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की घटिया और ओछी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह राष्ट्रसेवकों के अपमान के समान है।

मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा एनएसए अजीत डोभाल को लेकर दिए गए विवादित बयान यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस किस स्तर तक गिर चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति ने दशकों तक देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया हो, उसके योगदान पर सवाल उठाकर कांग्रेस आखिर क्या साबित करना चाहती है।

“डोभाल जी पद नहीं, राष्ट्र की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ हैं”

चौहान ने कहा कि अजित डोभाल केवल एक पद नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ हैं। उनसे वैचारिक असहमति हो सकती है, लेकिन उनके और उनके परिवार के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि यह कांग्रेस की सोच और राजनीति के गिरते स्तर को भी उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लाल और राष्ट्र के सम्मान पर हमला पहाड़ी समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। यह सीधे-सीधे देश की सेवा करने वालों के मनोबल पर प्रहार है।

राजनीतिक बहस कमजोर हुई तो व्यक्तिगत हमला बना हथियार

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि जब कांग्रेस की राजनीतिक बहस कमजोर पड़ जाती है, तब क्या व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियां ही उसका आख़िरी हथियार रह जाती हैं? और भी दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि प्रदेश अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा उन बयानों से मेल खाती प्रतीत होती है, जिनका प्रयोग देश विरोधी ताकतें करती रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष सार्वजनिक माफी मांगें

मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि हर शब्द की जिम्मेदारी होती है। राष्ट्र और उसके सेवकों का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से फ़ौरन सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कहा कि नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर खरा उतरने के लिए अब यही एकमात्र रास्ता बचा है।

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