सहस्रधारा रोड सहित कई इलाकों में ध्वस्तीकरण व सीलिंग, नियम तोड़ने वालों पर नहीं होगी कोई रियायत
🔹 सहस्रधारा रोड पर अवैध फ्लैट निर्माण ध्वस्त
🔹 सील तोड़कर निर्माण करने पर कड़ा एक्शन
🔹 मेहूँवाला, सिनोला रोड और जाखन में सीलिंग
🔹 एमडीडीए का स्पष्ट संदेश – नियम तोड़ने पर सख्ती तय
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध और नियमविरुद्ध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी
इसी क्रम में सहस्रधारा रोड के पीछे स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क, तरला नागल क्षेत्र में एक बड़े निर्माण पर कठोर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि निर्माणकर्ता द्वारा स्वीकृत तीन सिंगल ड्वेलिंग यूनिट के मानचित्रों को आपस में जोड़कर सेट-बैक का उल्लंघन करते हुए फ्लैटों का निर्माण किया गया। इसके अलावा, पूर्व में सील किए गए भवन की सील तोड़कर निर्माण कार्य जारी रखा गया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस पर एमडीडीए ने निर्माण के अशमनीय हिस्से को ध्वस्त कर दिया।
इसके अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी नियमविरुद्ध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। चौहान मोहल्ला, मेहुवाला में सूरज द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। सिनोला फॉरेस्ट सप्लाई रोड पर मनीष गुरुंग के निर्माण तथा इंजीनियर एन्क्लेव, जाखन में अंकित आहूजा द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी नियम उल्लंघन पाए जाने पर सील किया गया।
यह सभी कार्रवाइयाँ संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता शशांक सक्सेना व शैलेंद्र सिंह रावत, अवर अभियंता सचिन तोमर सहित एमडीडीए टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से की गईं।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन, भूमि उपयोग परिवर्तन और सील तोड़कर निर्माण जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। अवैध निर्माण न केवल शहर की योजना को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पर्यावरण, जल निकासी, यातायात और आपदा जोखिम को भी बढ़ाते हैं।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान :-
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी
“देहरादून का विकास नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से करना हमारी प्राथमिकता है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।”
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान:-
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया
“सभी मामलों में तकनीकी और विधिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। सील तोड़कर निर्माण करना गंभीर अपराध है। नागरिक निर्माण से पहले सभी अनुमतियाँ अवश्य लें।”