– उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने पुलिस महानिदेशक से की भेंट
– पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर आने वाली शिकायतों पर संज्ञान लेने की मांग
देहरादून: उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से शिष्टाचार भेंट कर पत्रकारों व पुलिस के बीच समन्वय पर जोर दिया। प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने डीजीपी को सौंपे ज्ञापन में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध पुलिस को प्राप्त शिकायत पर गहन जांच के बाद ही कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही नियम विरुद्ध कार्य करने वाले पत्रकारों पर कार्रवाई में सहयोग की भी बात कही। इस पर डीजीपी की ओर से सकारात्मक संकेत देते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
शनिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधि मंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा। जहां नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने पुलिस महानिदेशक से भेंट की। इस दौरान प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा और महामंत्री योगेश सेमवाल ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि अक्सर पुलिस की ओर से पत्रकारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर सीधे कार्रवाई कर दी जाती है। जबकि, उक्त पत्रकार पर लगे आरोपों की कोई प्रमाणिकता नहीं होती। ऐसे में उन्होंने आग्रह किया कि इस प्रकार के मामलों में किसी भी कार्रवाई से पूर्व गहन जांच की जाए, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तभी कार्रवाई की जाए। प्रेस क्लब के प्रतिनिधि मंडल ने यह भी कहा कि प्रदेशभर में यदि कोई भी कथित पत्रकार अनैतिक कार्य में लिप्त पाया जाता है और उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हों तो तत्काल पुलिस कार्रवाई कर सकती है। इस संबंध में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से पूर्ण सहयोग किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने आश्वस्त किया कि पुलिस की ओर से उक्त बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को भी मुख्यालय से इस संबंध में पत्र जारी किए जाएंगे। डीजीपी ने पुलिस और प्रेस क्लब की ओर से संयुक्त कार्यशालाओं के आयोजन का भी प्रस्ताव रखा। जिससे साइबर अपराध से बचने और नशा मुक्त उत्तराखंड को लेकर जनजागरूकता लाई जा सके। इस दौरान उत्तरांचल प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा एवं मीना नेगी, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य ओम प्रकाश (ओपी) जोशी व रश्मि खत्री आदि उपस्थित रहे।