देहरादून। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलिस कस्टडी में कोर्ट में पेशी के लिए ले जाए जा रहे कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह वारदात लक्सर फ्लाईओवर पर हुई, जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस वैन को निशाना बनाया।
फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को दो गोलियां लगी हैं, जबकि पुलिस एस्कॉर्ट में तैनात दो सिपाही भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की पुष्टि एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने की है।
पुलिस के अनुसार, विनय त्यागी को रुड़की जेल से लक्सर के ACJM कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था। इसी दौरान फ्लाईओवर पर पहले से घात लगाए बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फ्लाईओवर पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हमला पूरी योजना के तहत किया गया प्रतीत होता है। दिन के समय फ्लाईओवर पर यातायात दबाव का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
कौन है विनय त्यागी?
विनय त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी का रहने वाला है और एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, अपहरण, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों की सप्लाई सहित 46 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने अपराध की दुनिया में कदम महज 16 साल की उम्र में रखा था। उसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला हुआ बताया जाता है। वह 17 सदस्यीय गिरोह का सरगना रहा है और कई बार अलग-अलग नामों से अपनी पहचान छिपाकर आपराधिक गतिविधियां संचालित करता रहा है।
त्यागी के खिलाफ करोड़ों की हाई-प्रोफाइल चोरी, बेनामी संपत्ति और जमीन हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। उसकी पत्नी निशि त्यागी मुजफ्फरनगर से ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। विनय त्यागी का परिवार पिछले कई वर्षों से देहरादून में रह रहा है।
वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बदमाशों को फायरिंग के बाद बाइक से फरार होते देखा जा सकता है। इस वारदात ने पुलिस कस्टडी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।